उत्तराखंड

राज्य गठन के 25 साल बाद आज भी कहीं न कहीं पहाड़-मैदान के बीच की खाई नहीं पट पाई

देहरादून – राज्य गठन के 25 साल बाद आज भी कहीं न कहीं पहाड़-मैदान के बीच की खाई नहीं पट पाई है। इसकी एक झलक विधानसभा के विशेष सत्र में देखने को मिली। हालांकि संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल ने हस्तक्षेप करते हुए कहा है कि हम सब उत्तराखंडी हैं। हमें उत्तराखंड के विकास पर बात करनी है।

सत्र के दूसरे दिन भोजनावकाश से पहले जो बहस छिड़ी, वह भोजनावकाश के बाद भी नजर आई। जैसे ही विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने बनभूलपुरा को नरक बोला तो विपक्षी विधायक विरोध में उतर आए। विधायक सुमित ह्रदयेश से लेकर तिलकराज बेहड़ और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भी इस पर आपत्ति जताई। उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी ने कहा कि जब भाजपा की सरकार भूमिधरी का अधिकार नहीं दे पा रही तो उसको अतिक्रमण का नाम दे रही है। विधायक सुमित ह्दयेश ने मांग की कि राज्य के नगर निकायों में 80 प्रतिशत आबादी नजूल भूमि पर बसी है, उन्हें नियमित किया जाए। बसपा विधायक मोहम्मद शहजाद ने भी पहाड़-मैदान की राजनीति का विरोध करते हुए राज्य के हित में विकास का रोडमैप तैयार करने पर जोर दिया। बाद में संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल ने सदन में हस्तक्षेप किया। उन्होंने कहा कि पूरा उत्तराखंड एक है, हम सब उत्तराखंडी हैं। हमें मिलकर राज्य के विकास पर चर्चा करनी है। इसे आगे बढ़ाना है।

कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि हमें गर्व होना चाहिए कि सबने मिलकर उत्तराखंड को संवारा है, पहाड़-मैदान की बात करना गलत है। उन्होंने कहा कि पूर्व सीएम एनडी तिवारी ने अटल जी के साथ मिलकर सिडकुल की स्थापना की थी, जिससे लाखों परिवार पल रहे हैं। लेकिन सिडकुल की कंपनियों में शीर्ष पदों पर बमुश्किल पांच प्रतिशत भी यहां के युवा नहीं हैं। 70 प्रतिशत आरक्षण केवल नीचे के पदों के लिए है। उन्होंने उपनलकर्मियों के नियमितिकरण पर जोर दे अफसरशाही के रवैये को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों के चिह्नीकरण की भी मांग की।

भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ ने कहा कि राज्य गठन के 25 साल में हमने निश्चित तौर पर खूब तरक्की की है। आज हम संतोष में हैं, खासतौर से मेरी विधानसभा के लोग। सड़कें, बिजली, पानी जिनकी कभी अपेक्षा नहीं थी, आज उपलब्ध हैं। कहा, 25 साल में हमने किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की है। पशुपालन विभाग एक लक्ष्य समृद्धि के लिए काम कर रहा है। पशु चिकित्सक 15% और पशु सेवा केंद्र 30% बढ़े। 2,15,000 पशुधन का बीमा किया गया। 13 जिलों के 332 पशु चिकित्सालय बने। उन्होंने भी कहा कि हम सबको मिलकर राज्य हित में काम करने की जरूरत है।

भाजपा विधायक खजानदास ने कहा कि वह उस दिन के साक्षी हैं, जब यूपी के सदन में उत्तराखड का प्रस्ताव पास हुआ था। वह दर्शक दीर्घा में मौजूद थे। तब उत्तराखंड के एक विधायक ने जो टिप्पणी की थी, उससे मेरा खून खौल गया था। हालांकि तत्कालीन विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने इसका जवाब दिया था, जिस पर बाद में तत्कालीन यूपी के मंत्री डॉ.रमेश पोखरियाल निशंक ने भी जवाब दिया था। कहा, हम आज गढ़वाल, कुमाऊं, मैदानी क्षेत्र की बात करते हैं। हमें ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न नहीं करनी चाहिए। आने वाले 25 वर्षों में हम इस राज्य को शहीदों के सपने का प्रदेश बना सकते हैं।

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