राज्य गठन के 25 साल बाद आज भी कहीं न कहीं पहाड़-मैदान के बीच की खाई नहीं पट पाई
देहरादून – राज्य गठन के 25 साल बाद आज भी कहीं न कहीं पहाड़-मैदान के बीच की खाई नहीं पट पाई है। इसकी एक झलक विधानसभा के विशेष सत्र में देखने को मिली। हालांकि संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल ने हस्तक्षेप करते हुए कहा है कि हम सब उत्तराखंडी हैं। हमें उत्तराखंड के विकास पर बात करनी है।
भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ ने कहा कि राज्य गठन के 25 साल में हमने निश्चित तौर पर खूब तरक्की की है। आज हम संतोष में हैं, खासतौर से मेरी विधानसभा के लोग। सड़कें, बिजली, पानी जिनकी कभी अपेक्षा नहीं थी, आज उपलब्ध हैं। कहा, 25 साल में हमने किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की है। पशुपालन विभाग एक लक्ष्य समृद्धि के लिए काम कर रहा है। पशु चिकित्सक 15% और पशु सेवा केंद्र 30% बढ़े। 2,15,000 पशुधन का बीमा किया गया। 13 जिलों के 332 पशु चिकित्सालय बने। उन्होंने भी कहा कि हम सबको मिलकर राज्य हित में काम करने की जरूरत है।
भाजपा विधायक खजानदास ने कहा कि वह उस दिन के साक्षी हैं, जब यूपी के सदन में उत्तराखड का प्रस्ताव पास हुआ था। वह दर्शक दीर्घा में मौजूद थे। तब उत्तराखंड के एक विधायक ने जो टिप्पणी की थी, उससे मेरा खून खौल गया था। हालांकि तत्कालीन विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने इसका जवाब दिया था, जिस पर बाद में तत्कालीन यूपी के मंत्री डॉ.रमेश पोखरियाल निशंक ने भी जवाब दिया था। कहा, हम आज गढ़वाल, कुमाऊं, मैदानी क्षेत्र की बात करते हैं। हमें ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न नहीं करनी चाहिए। आने वाले 25 वर्षों में हम इस राज्य को शहीदों के सपने का प्रदेश बना सकते हैं।

