उत्तराखंड

षड्यंत्रकारी लोगों के शिकार हुए पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष हरिमोहन ,सोशियल मीडिया में व्यथित होकर साझा की पोस्ट

पुरोला – पुरोला नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष हरिमोहन नेगी षड्यंत्रकारी लोगों के कारण अपने गांव से निर्वाचन सूची से बाहर हो गए ,पुरोला विकास खण्ड के अंतर्गत कोरना गांव के रहने वाले पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष हरिमोहन ने अपना नाम पुरोला से हटा कर अपने गांव में जोड़ने के लिए आवेदन किया था।उनका नाम मतदाता सूची में भी चढ़ गया।हरिमोहन जिला पंचायत सदस्य सीट के लिए चुनाव लड़ना चाह रहे थे लेकिन प्रतिद्वंद्वी को अपनी सीट खिसकती नजर आ रही थी।ऐसा षड़यंत्र रचा की उसका नाम ही हटवा दिया।हरिमोहन को जव मालूम चला तो उसने निर्वाचन आयोग से शिकायत की लेकिन सत्ता के अधिकारियों ने कुछ नहीं सुनी।हरिमोहन ने सोशियल मीडिया में अपनी एक पोस्ट साझा की-

आज मैं अपने कार्यकर्ताओं, प्रियजनों, क्षेत्र की न्याय प्रिय बुद्धिजीवी जनता और मेरे साथियों का ध्यान एक गंभीर राजनीतिक षड्यंत्र की ओर आकर्षित करना चाहता हूं, जिसका उद्देश्य मुझे चुनावी प्रक्रिया से विमुख करना है।

जो मुझे अचानक मित्र-मित्र कह रहे थे और पिछले 10 सालों से ईमानदारी से दुश्मनी निभा रहे हैं।

इसी दुश्मनी के कालक्रम (क्रोनोलॉजी) एवं षड्यंत्रकारी योजना में कुछ नए पन्नों का विस्तार हुआ है
– 21 जून 2025:को जब – राज्य चुनाव आयोग की #पहली अधिसूचना जारी की थी,जिसके उपरांत ना ही नाम चढ़ाया जा सकता था ना ही हटाया सकता था ।
तब 21 जून 2025को उसी दिन, मेरा नाम मतदाता सूची से हटाने का अवैधआदेश पारित किया गया, जो एक सुनियोजित षड्यंत्रकारी रणनीति का हिस्सा था ।
– जब मैंने इस मनमाने आदेश के खिलाफ न्यायालय जाने की बात कही ,तो षड्यंत्रकारियों में बौखलाहट फैल गई।
और इसी दुश्मनी को और भी ईमानदारी से निभाने के लिए 27 जून 2025 को मुझे SIT जांच में उलझाने के लिए अचानक आदेश पारित किए गए। इसका स्पष्ट उद्देश्य मुझे चुनावी प्रचार और क्षेत्र भ्रमण से रोकना है ।
– चुनाव लड़ने के लिए समतल जमीन (निष्पक्ष माहौल) आवश्यक है, लेकिन कुछ असामाजिक तत्व डरते हैं क्योंकि वे केवल अवैध हथकंडों से ही जीत सकते हैं। चुनाव लड़कर नहीं
– जब मैं पहले अध्यक्ष नगर पंचायत पुरोला था,तो कभी नामांकन रद के लिए और कभी मुझे हटाने के लिए षडयंत्र रचे जाते थे, पुरोला के विकास कार्यों हेतु स्वीकृत धनराशि को कभी #वापस कराया गया,तो कभी पूरी निष्ठा और ईमानदारी से मेरे ऊपर दुश्मनी के लिए बेफिजूल शिकायत कर जांच भी कराई जाती थी, ताकि आप का विकास बाधित हो सकें या फिर मैं मानसिक रूप से परेशान हो सकूं।

यह सारे षड्यंत्रकारी अभियान आपके समक्ष है, आज मैं हूं कल आप भी हो सकते है इसलिए मैं अपील करता हूं, कि आप इन षड्यंत्रों को समझें और *सत्य की जीत* में मेरा साथ दें। मैं पूर्ण आत्मविश्वास से कहता हूं कि जनता का आशीर्वाद और न्यायालय का न्याय मेरे साथ होगा, तो आप सभी के आशीर्वाद से मैं इसी चुनाव में सबक जरूर सिखाऊंगा।

आपका हरिमोहन

हरिमोहन से क्यों इतना भय बना हुआ है ,यह एक सोचनीय विषय बना हुआ है।जबकि चुनाव लड़ना सबका अधिकार है इस तरह से  दूसरे के लिए जाल बुनना अपने लिए ही फ़ांस बन सकती है ,हरिमोहन ने कहा कि सरकार चाहे कितना  ही जोर लगाए लेकिन जनता सब जानती है ।हरिमोहन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर न्याय की गुहार लगाई है।

 

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