नई टिहरी में विशाल निरंकारी महिला सन्त समागम में जुटी सैकड़ों की भीड़
टिहरी – सन्त निरंकारी ब्रांच टिहरी में सदगुरु सुदीक्षा जी महाराज की असीम कृपा से एक दिवसीय निरंकारी महिला सन्त समागम का आयोजन किया। समागम में सैकड़ों अनुयायियों ने भाग लिया।
समागम को सम्बोधित करते हुए सविन्दर कौर ज्ञान प्रचारिका मंसूरी ने कहा कि आज जनाष्टमी को हम धूमधाम से मनाते हैं क्योंकि इस दिन श्रीकृष्ण जी का जन्म हुआ। द्वापर युग में उनकी शिक्षा दीक्षा पांचों भाई पांडव व दुर्योधन के साथ हुई ।अर्जुन के साथी व रिस्तेदार भी रहे, जब कुरूक्षेत्र में अर्जुन के सारथी बने तो उन्हें परमात्मा का ज्ञान दिया।
जबकि कई सालों के साथी श्रीकृष्ण ने कहा कि अर्जुन तुम जो मुझे समझते हो मैं वह नहीं हूं मैं स्वयं ब्रह्म हूँ ।मीरा राज घराने की होने के बावजूद भी उसे भगवान को देखने की चाह उत्पन्न हुई।परिवार ने उसका भी उस समय विरोध किया ,जब मीरा को रविदास ने ब्रह्म के दर्शन कराया तो मीरा नाचने लगी।आज हम भक्ति तो कर रहे हैं लेकिन केवल अपने सुख के लिए।जब सदगुरु की कृपा होती है तब परमात्मा के दर्शन हो जाते हैं।

फिर किसी तरह का कोई भेद नहीं रह जाता।हर एक अपना ही लगता है।सन्त हमेशा अपने से पहले दूसरे की खुशियां मांगता है।
समागम में महिलाओं ने गढ़वाली ,नेपाली, हिन्दी, अंग्रेजी, भाषा में भजन व विचार व कविता का सहारा लिया गया।समागम में देहरादून, ऋषिकेश, उत्तरकाशी,मंसूरी, चंबा व नरेंद्र नगर की संगतों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के समापन पर ज्ञान प्रचारिका नीलम नेगी ने पूरी संगत का आभार प्रकट करते हुए कहा कि आज बारिश से कई जगह सड़कों में मलवा आने के बाद भी सभी लोगों ने बढ़चढ़ भाग लिया।सेवादल की आयी संगत ने भूरी भूरी प्रशंसा की।संगत में मसूरी जॉन के इंचार्ज हरभजन सिंह, टिहरी ब्रांच के संयोजक सब्बल सिंह चौहान टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राकेश राणा आदि ने भाग लिया।

