उत्तराखंड

मुख्यमंत्री यदि अंकिता भण्डारी को न्याय नहीं दिला सकते तो इस्तीफा दे – योगिता भयाना

देहरादून – उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। देश की जानी-मानी सामाजिक कार्यकर्ता और ‘PARI’ (People Against Rape in India) की संस्थापक योगिता भयाना ने अब इस केस की कमान संभाल ली है।

देहरादून पहुंची योगिता भयाना ने उर्मिला सनावर द्वारा किए गए सनसनीखेज खुलासों पर सरकार की चुप्पी को लेकर कड़े सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा की उर्मिला सनावर ने जिस ‘वीआईपी’ के नाम का खुलासा किया है, उसकी सच्चाई जानने के लिए अब केवल सीबीआई जांच ही एकमात्र रास्ता है।

उर्मिला सनावर की गुमशुदगी को  लेकर योगिता ने सवाल उठाया कि खुलासे करने वाली उर्मिला सनावर आखिर कहाँ हैं? उनके सोशल मीडिया अकाउंट क्यों फ्रीज किए गए? क्या सच बोलने वाली आवाज को दबाया जा रहा है?

योगिता भयाना वही शख्सियत हैं जिन्होंने निर्भया कांड और उन्नाव रेप केस में कुलदीप सिंह सेंगर जैसे रसूखदारों को सलाखों के पीछे पहुँचाया है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि
“अगर सरकार इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाती और दोषियों को बचाती है, तो मैं अंकिता को न्याय दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाऊंगी।”
सितंबर 2022 में हुई अंकिता की हत्या के मामले में हाल ही में उर्मिला सनावर ने एक वीडियो जारी कर उस वीआईपी के नाम का संकेत दिया है, जिसे ‘स्पेशल सर्विस’ देने के लिए अंकिता पर दबाव बनाया गया था। योगिता भयाना का कहना है कि सत्ता के रसूख के पीछे छिपे असली गुनहगारों का बेनकाब होना जरूरी है।

योगिता भयाना ने यहाँ तक कह दिया कि यदि सरकार कार्रवाई करने में असमर्थ है तो मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।

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