मृत्यु के भय को समाप्त करता है मदभागवत संहिता – बाल व्यास राधा प्रिय देवी अदिति
पुरोला -पुरोला विकास खण्ड के अंतर्गत उपला देवरा में 7 दिवसीय भागवत कथा का आरंम्भ हुआ । ग्रामीणों ने बाल व्यास के साथ कलस यात्रा का भी आयोजन किया जिसमें सभी ग्रामीणों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया।उपला देवरा में जन्मी बाल व्यास अदिति ने अपने जन्मस्थली से भागवत कथा का शुभारंभ किया । उन्होंने कहा कि भगवान की जब अनन्त कृपा होती है तभी ऐसा संजोग बनता है।आज के ही दिन भगवान कान्हा श्रीकृष्ण अपने 5 वर्ष की आयु में गाय चराने जंगल गये थे।
जो श्रद्धलु समर्पित होकर कथा सुनता है ,और फिर जीवन में उतारता है उसे जीवन में किसी तरह का भय नहीं होता और मृत्यु कभी उसे भयभीत नही करती। प्रभु को सच्चिदानंद भी कहा जाता है क्योंकि वह सत्य है सबके चित में बसा है और आनन्द देने वाला है।संसार केवल तीन विकारों से परेशान है दैहिक, दैविक, भौतिक।यदि जीवन में प्रभु से प्रेम हो जाय तो फिर सारे विकार नष्ट हो जाते हैं।भगवान ही रचनहार है और संहार भी करता है।
कार्यक्रम के आज मुख्य अतिथि पूर्व विधायक मालचंद रहे। उन्होंने भी अपने परिवार के साथ कथा श्रवण की।सभी ग्रामीणों ने बाल व्यास अदिति का स्वागत किया।कथा का लाइव कास्ट केदार टीवी के माध्यम से हो रहा है जिसे हजारों लोग घर बैठे देख रहे हैं।