उत्तराखंड

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने किया आपदाग्रस्त क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण

टिहरी – उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के निर्देशों के अनुपालन एवं माननीय जनपद न्यायाधीश/ अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण टिहरी गढ़वाल अमित कुमार सिरोही के निर्देशानुसार नालसा आपदा पीड़ितों को विधिक सेवाएं योजना, 2010 के उद्देश्य पर पीड़ितों को तत्काल विधिक सहायता पहुंचाने हेतु सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण टिहरी गढ़वाल  आलोक राम त्रिपाठी द्वारा  नागणी, आमसेरा, जिजली व सिल्लासौड़ का स्थलीय निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान उक्त स्थान व गांव के स्थानीय लोगों एवं आपदा प्रभावितों द्वारा अवगत कराया गया कि दिनांक 14, 15 सितंबर, 2025 की मध्य रात्रि को भारी अतिवृष्टि से आई प्राकृतिक आपदा नागणी व आमसेरा में स्थित दुकानों व मकानों को भारी नुकसान हुआ है कुछ मकान पूरी तरह से नष्ट हो गए और बहुत से दुकानों के अंदर पूरा मलबा भर गया था। जिजली गांव में  सोनी देवी का मकान पूर्णतः क्षतिग्रस्त हो चुका है तथा उन्हें घटना में चोट भी आई है। प्रशासन द्वारा उन्हें अन्यत्र सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। ग्रामवासियों ने बताया कि पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण गांव में पेयजल समस्या उत्पन्न हो गई है। ग्राम सिल्लासौड़ में 3 मकानों के आँगन बरसात के कारण पूरी तरह टूटकर बह गए है तथा सभी मकानों में दरार आ गयी है। पूरे गाँव की पानी की पाइपलाइन बाढ़ में बह चुकी है जिस कारण पूरे गांव पेयजल संकट उत्पन्न हो चुका है।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आपदा से प्रभावितों की समस्यायों को सुना गया तथा आपदा प्रभावितों की हर संभव सहायता किए जाने एवं आपदा राहत सामग्री प्रदान किए जाने का आश्वासन दिया गया। साथ ही सभी स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने हेतु आव्हान किया गया। इस अवसर पर तहसीलदार नरेंद्रनगर अयोध्या प्रसाद उनियाल, रिटेनर अधिवक्ता  राजपाल सिंह मिंया, राजस्व उपनिरीक्षक  सुनीता भण्डारी,प्रदीप पांडेय, पुलिस चौकी नागणी के पुलिसकर्मी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारमित्र कृष्णा रौतेला, गुड्डी रावत, सुरमा देवी व उक्त स्थान व गाँव के समस्त जनमानस व ग्रामीण उपस्थित रहे।

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