हरेला पर्व पर वृक्षारोपण के सफल अभियान को लेकर जिलाधिकारी ने ली बैठक
उत्तरकाशी– हरेला पर्व के अवसर पर जनपद में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान को सफल बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने शनिवार को संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ एक वीसी के माध्यम से बैठक ली। बैठक में वृक्षारोपण स्थलों के चयन, पौधों की उपलब्धता, सुरक्षा और जनभागीदारी सुनिश्चित करने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि इस वर्ष की हरेला पर्व की थीम ” हरेला का त्यौहार मनाओ, धरती मां का ऋण चुकाओं, एक पेड़ मां के नाम” पर मनाया जाएगा। हरेला पर्व के महत्व को देखते हुए इस वर्ष वृक्षारोपण कार्यक्रम को एक जन आंदोलन का रूप दिया जाए। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण न केवल पर्यावरण संतुलन के लिए आवश्यक है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक विरासत का भी अभिन्न अंग है।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को अपने वन क्षेत्रों में वृक्षारोपण वाले स्थानों का चिन्हीकरण करने तथा नर्सरियों में विभिन्न प्रजातियों के पर्याप्त और स्वस्थ पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने रोपित पौधों की सुरक्षा और उनके नियमित रखरखाव के लिए ठोस योजना बनाने के निर्देश दिये जिसमें पौधों की बाड़बंदी, पानी की व्यवस्था और समय-समय पर निरीक्षण शामिल है।
जिलाधिकारी ने विभिन्न स्वयं सहायता समूहों, शिक्षण संस्थानों, गैर-सरकारी संगठनों और स्थानीय जनता को वृक्षारोपण अभियान में सक्रिय रूप से शामिल किये जाने के निर्देश दिये। कहा कि इस आभियान की सफलता के लिए सभी का सहयोग और समन्वय जरूरी है तथा वृक्षारोपण के महत्व के बारे में जन जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न माध्यमों से प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिये।
इस दौरान जिलाधिकारी ने प्रत्येक विभाग से नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिये, जो अपने विभाग से संबंधित वृक्षारोपण गतिविधियों की निगरानी करेंगे और नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे और सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि हरेला पर्व पर निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। कहा कि इस अभियान में अधिकारी किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें।
बैठक में सीडीओ एसएल सेमवाल, एडीएम मुक्ता मिश्र, डीएफओ डीपी बलूनी, एसडीएम शालिनी नेगी, मुख्य उद्यान अधिकारी रजनीश सिंह , सभी बीडीओ व नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों सहित विभिन्न अधिकारी वीसी के माध्यम से जुड़े।

