जिसकी भक्ति जिसकी पूजा उसका ज्ञान जरूरी है कहे हरदेव की पहले ईश्वर की पहिचान जरूरी है – हरदेव वाणी
देहरादून (बालावाला) – देहरादून के बालावाला में विशाल निरंकारी सत्संग का आयोजन किया गया, जिसमें उत्तर प्रदेश मेरठ जॉन के गजरौला ब्रांच के मुखी गुलशन गिरी ने कहा कि क्या मैं जाग रहा हूँ य सो रहा हूँ, सोने से जागने का तात्पर्य की यह है कि क्या परमात्मा के लिये जाग गया य अभी भी माया में सोया हुआ हूँ। सबसे श्रेष्ठ जन्म इंसान का है इंसान को भ्रम हो गया है कि जो मैं कर रहा हूँ वह सबसे अच्छा है इस भ्रम को केवल सतगुरु ही समाप्त कर सकता है। परमात्मा को देखना व पाना अलग अलग है यदि पाना है तो उसके लिए तत्ववेत्ता महात्मा की शरण में जाना पड़ेगा। लेकिन यदि जीवन मे परमात्मा नही आया तो समझो फिर मैं अभी सोया हूँ। इंसान जीवन दाता को भूल गया माया को याद रख रहा । मनुष्य अपना अमूल्य जीवन को खोते जा रहे हो । रिश्ते नाते सब कुछ समय के लिए है। आज इंसान बुरे कर्म के लिये समय निकाल सकता है परमात्मा के लिये समय नहीं है।
मेरा दोस्त वह हो जो जीवन के अंत समय तक मेरा साथ दे । सच्चा दोस्त केवल परमात्मा ही है । जिनके जीवन मे गुरु आता है उसकी हर मुश्किलें ठीक हो जाते हैं । बालावाला सत्संग में सैकड़ों लोगों ने भाग लिया ,अनेकों वक्तताओं ने अपने विचारों में कहा कि मनुष्य जीवन का असली मकसद परमात्मा को पाना है वह केवल सतगुरु की कृपा से ही प्राप्त होता है।मिशन के अनुयायी अरविंद ने सबका आभार प्रकट किया।सेवा दल के क्षेत्रीय संचालक डी एस पंवार, ब्रांच मुखी शशि बिष्ट,ज्ञान प्रचारक ज्ञानेश्वर गुरंग, मंशा राम खंडूरी व सैकडों लोगों ने सत्संग का लाभ प्राप्त किया।

