महिलाएं कर रही है सतत और पारंपरिक संसाधनो का आर्थिकी मजबूत करने में उपयोग – डीएम
जनपद में सभी विकासखंडों में सशक्त बहना योजना के अंतर्गत लगाए गए स्टाल
स्वयं सहायता समूहों द्वारा पीरूल से बनाई गई राखियां बन रही आकर्षण का केंद्र
उत्तरकाशी – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों और जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के तत्वाधान के क्रम में जनपद में मुख्यमंत्री सशक्त बहना योजना के अंतर्गत रक्षाबंधन से पूर्व विभिन्न विकास खंडो में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत विकासखडं परिसर में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं पीरूल (चीड़ की पत्तियों) से बनी राखियां पारंपरिक संसाधनों को उपयोग में लाकर आय सृजन के नए साधन विकसित कर रही है। रक्षा बंधन के पावनपर्व पर ये राखियां भाई-बहन के स्नेह के अटूट बंधन का भी प्रतीक बनने जा रही हैं।
जनपद के भटवाडी़, डुण्डा, चिन्यालीसौड़, नौगांव, पुरोला व मोरी विकासखंड में स्थानीय उत्पादों, हथकरघा,परिधान, जैम,चटनी,आचार आदि उत्पादों का स्टॉल लगाकर विपणन हेतु समूह की महिलाएं मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना का भरपूर लाभ ले रही है। रक्षा बंधन के उपलक्ष्य में स्थानीय स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार की जा रही राखी एवं स्थानीय उत्पादों के प्रदर्शन एवं बिक्री के लिए कलेक्ट्रेट परिसर, विकास भवन लड़ादी तथा प्रत्येक विकासखंड के मुख्यालय परिसर में स्टॉल लगाए गए हैं।
रक्षाबंधन के अवसर पर महिला समूहों एवं महिला उद्यमियों द्वारा स्थानीय उत्पादों का स्टॉल, प्रदर्शनी व बाजार लगाकर विपणन किया जा रहा है। यह पहल महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार एवं स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की दिशा में सराहनीय कदम है l इस प्रकार के ये स्वयं सहायता समूह सक्रियता से कार्य कर अभिनव पहल करने में जुटे हुए हैं।

