उत्तराखंड

देहरादून के परेड ग्राउंड में गरजे प्रकाश डबराल ,विधायक दुर्गेश्वर लाल पर लगाये गम्भीर आरोप

देहरादून – जनपद उत्तरकाशी के पुरोला विधान सभा के चर्चित प्रकाश डबराल परेड ग्राउंड बेरोजगार युवाओं के बीच पहुंचे।उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार पूरी तरह नाकाम हो चुकी है हजारों बेरोजगार सड़कों पर रोजगार के लिए आंदोलन कर रहे हैं ,सरकार ने जो भी पेपर करवाये हैं उन में हमेशा धांधली हुई है ।हाल में हुई अधिनस्त चयन आयोग द्वारा जो पेपर हुए हैं वे आधा घंटे में लीक हो गया।जिसके तार भी  हाकम सिंह से जुड़े थे ।सरकार ने आनन फानन में दो लोगों को गिरफ्तार कर दिया लेकिन बेरोजगारों के अन्दर पूरे प्रदेश में उबाल आ गया ।हजारों युवा सरकार से सीबीआई से जांच कराने की मांग कर रहे हैं।

प्रकाश डबराल पुरोला विधानसभा में हमेशा चर्चाओं में बने रहते हैं पूरी विधानसभा में हर एक मुद्दे को लेकर आंदोलन करते रहते हैं।परेड ग्राउंड में बेरोजगारों को सम्बोधित करते हुए उन्होंने बेरोजगारों को अपना समर्थन देने की बात कही वहीं पुरोला विधानसभा के विधायक दुर्गेश्वर लाल पर भी गम्भीर आरोप लगाते हुए कहा कि तीन साल पहले दुर्गेश्वर लाल लोगों से कहता फिरता था कि मैं गरीब का बेटा हूँ आज करोड़पति कैसे बना विधायक की भी सीबीआई जांच होनी चाहिए।प्रकाश डबराल ने कहा कि विधायक के तार भी हाकम सिंह से जुड़े हैं पुरोला में करोड़ों रुपयों की  योजनाओं की भी जांच होनी चाहिए।

मोरी तहसील के विभिन्न संग़ठनों ने पेपर लीक सहित कई अन्य कार्यों में धांधली की शिकायत करते हुए सीबीआई जाँच की मांग को लेकर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह को तहसीलदार के माध्यम से ज्ञापन भेजा है!शनिवार को तहसील मोरी के चिन्हित राज्य आन्दोलनकारियों, केदार गंगा घाटी विकास समिति, बेरोजगार युवा समिति की संयुक्त बैठक का आयोजन समिति कार्यालय मोरी में की गई। जिसमे विभिन्न मांगो का ज्ञापन आवश्यक कार्यवाही हेतु राज्यपाल को प्रेषित किया गया। तहसीलदार के माध्यम से भेजे गये ज्ञापन में मांग की गई है कि पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई द्वारा होनी चाहिए।तथा उत्तराखण्ड राज्य में जल जीवन मिशन योजना के सम्पूर्ण कार्यों की सीबीआई द्वारा जांच होनी चाहिए। उत्तराखण्ड राज्य में संचालीत पारम्परिक कृषि विकास योजना मे हो रहे कार्यों की जांच भी सीबीआई द्वारा की जानी चाहिए ताकी योजना के अंतर्गत ब्याप्त भ्र्ष्टाचार का खुलासा हो सके एवं उत्तराखण्ड राज्य में सभी भर्तीयों सरकारी सेवायोजन के माध्यम से होनी चाहिए।ज्ञापन में कहा गया है कि यदि ज्ञापन में उलिखित मांगो पर एक माह के अंतर्गत कार्यवाही नहीं की जाती है तो अन्यथा की स्थिति में समस्त संगठनों धरना प्रदर्शन व आंदोलन किया जायेगा!ज्ञापन देने वालों में विपिन चौहान, अनिल राणा, प्रताप सिंह चौहान,विजयपाल रावत, अशोक, संजू लाल आदि शामिल रहे!

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!