पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन के कारण कई प्रदेशों में दैवीय आपदा – डॉ0 राधा प्रिया
देहरादून – पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन को लेकर एक चिंतन बैठक का आयोजन किया गया। पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन को लेकर एक विशेष सूचित किया जाएगा जिसके लिए विश्व स्तरीय संगठन ईपीसी Environment protection and pollution control council का गठन किया गया। जिसके अंतर्गत पर्यावरण प्रेमियों को एवं जलवायु परिवर्तन पर कार्य करने वालों को विशेष जानकारी एवं बचाव की ट्रेनिंग प्रदान की जाएगी। हाल में आयी उत्तराखंड ,हिमाचल , और पंजाब में प्राकृतिक आपदाओं को मध्य नजर रखते हुए ईपीसी( EPC ) संगठन तेजी से कार्य कर रहा है । ईपीसी एक ऐसा संगठन है जिसमें छोटे से छोटे पहलुओं पर अत्यधिक ध्यान दिया जा रहा है। जिससे पर्यावरण को नुकसान न हो और विश्व कल्याण के लिए कार्य करने वाले जिम्मेदार लोग सामने आ सकें। आज पर्यावरण को बचाने के लिए कई लोग आ रहे हैं।
ईपीसी की बैठक में बताया गया कि विश्व कल्याण का मात्र विकल्प जन जागरूकता ही है, ऐसे 10 छोटे-छोटे नियम ईपीसी ने सार्वजनिक तौर पर लागू किए हैं जिससे प्रतिदिन का प्रदूषण कम हो सके और ग्लेशियर को पिघलने में कमी आ सके।
ईपीसी की बोर्ड ऑफ मेंबर डॉ राधा प्रिया ने उत्तराखंड में बैठक लेते हुए दो सदस्यों को भी जिम्मेदारी दी है। बोर्ड मेंबर सदस्य डॉक्टर सुरेंद्र सिंह देहरादून एवं डॉ राकेश रतूड़ी उत्तरकाशी से हैं जो संकल्प से सिद्धि तक ईपीसी को समस्त उत्तराखंड में जागरूक माध्यम से पहुंचाएंगे।बैठक में आये सभी लोगों का डॉ0 सोबेन्द्र सिंह ने आभार प्रकट किया । सभी प्रदेश वासियों से इस मुहिम में जुड़ने की अपील की। डॉ0 राकेश रतूड़ी ने कहा कि जहां जहां प्रकृति से आज छेड़छाड़ हो रही है वही प्रदेश आपदा से जूझ रहा है।उन्होंने नौजवानों से अपील करते हुए कहा कि पर्यावरण व जलवायु को बचाने के लिए हम सबको आगे आना होगा।

