उत्तराखंड

प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय नौटियाल के साथ हुई मारपीट,

अजय नौडियाल के साथ बीते साल भी हुआ था बबाल

अधिकारियों की कार्यशैली पर भी उठ रहे हैं सवाल

सत्तादारी पार्टी के विधायक उमेश शर्मा ने अपनी सरकार की कार्यप्रणाली पर उठाए प्रश्नचिन्ह

भाजपा अध्यक्ष महिंद्र भट्ट ने दिया कार्यवाही का बयान

शिक्षक संगठन उत्तराखंड ने निदेशक के ऊपर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हुए जल्दी कार्रवाई न होने पर पूरे प्रदेश में बोर्ड परीक्षाओं की बहिष्कार के दी धमकी

देहरादून – राजधानी देहरादून में प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय नौटियाल के साथ भारी बवाल हुआ । रायपुर विधायक उमेश को के समर्थकों द्वारा निदेशक के साथ मारपीट का मामला वायरल हो रहा है । भाजपा ने शिक्षा निदेशक के साथ हुए मारपीट के घटनाक्रम को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए निंदा की है। संगठन घटना में आरोपी विधायक उमेश शर्मा काऊ से मामले में जवाब तलब करेगी। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने स्पष्ट किया कि पार्टी किसी भी तरह की अराजकता और हिंसा के पूर्णतया खिलाफ है। जनसमस्या उठाना एक पहलू हो सकता है, लेकिन उसके लिए किसी को भी कानून के उल्लंघन की इजाजत नहीं दी जा सकती। इस घटना को पार्टी ने गंभीरता से लिया है।

शीघ्र पार्टी अपने रायपुर विधायक उमेश काऊ से प्रकरण को लेकर जवाब तलब करेगी। जिसमें उन तमाम परिस्थितियों को लेकर भी विस्तार से जानकारी ली जाएगी, जिसके चलते यह सब घटित हुआ। कहा कि कानून अपना कार्य करेगा। जो भी दोषी पाए जाएंगे, पार्टी उन पर सख्त कार्रवाई के पक्ष में है। प्रदेश अध्यक्ष ने शिक्षाकर्मियों से भी संयम बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं पर घटना का कोई असर न पड़े। इसके लिए शिक्षकों को संयम दिखाना होगा, क्योंकि यह छात्रों के भविष्य से जुड़ा विषय है।

राजधानी दून में शिक्षा निदेशालय में प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल के साथ हुई मारपीट की घटना के बाद से शिक्षकों, कर्मचारियों समेत आम लोगों में आक्रोश है। चौतरफा आक्रोश के बीच शिक्षकों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

सोशल मीडिया पर लोगों ने घटना की कड़ी निंदा की। राजकीय शिक्षक संघ के रायपुर ब्लॉक के अध्यक्ष रामेंद्र राणा ने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय नौडयाल और कार्यालय में कार्यरत मिनिस्ट्रीयल कर्मियों के साथ हुई इस निंदनीय व अपराधिक कृत्य की संघ घोर भर्त्सना और निंदा करता है। दोषियों के खिलाफ शीघ्र कठोर से कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।

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