उत्तराखंड

शिक्षा में नवाचार- सेंट्रल लाइज लैब स्थापना,पर्यावरण अनुकूल पिरूल स्टोव और अभिभावक संवाद पर जोर

शिक्षा में नवाचार- सेंट्रल लाइज लैब स्थापना,पर्यावरण अनुकूल पिरूल स्टोव और अभिभावक संवाद पर जोर

उत्तरकाशी– जिलाधिकारी प्रशान्त आर्य ने शिक्षा विभाग द्वारा संचालित योजनाओं, कार्यक्रमों एवं शैक्षणिक गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार,संसाधनों के समुचित उपयोग एवं छात्र-छात्राओं के समग्र विकास पर विशेष जोर दिया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जनपद के प्रत्येक क्लस्टर स्तर पर सेंट्रलाइज्ड लैब की स्थापना के लिए शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत किए जाए, ताकि विद्यार्थियों को विज्ञान एवं अन्य विषयों की प्रयोगात्मक शिक्षा बेहतर ढंग से उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा में प्रायोगिक ज्ञान अत्यंत आवश्यक है और इसके लिए आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ होना जरूरी है।

जिलाधिकारी ने अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालयों में पिरूल स्टोव के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय संसाधनों का भी बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। शिक्षा की गुणवत्ता सुधार पर बल देते हुए जिलाधिकारी ने शिक्षकों को प्रत्येक माह के अंतिम बुधवार को छात्राओं के अभिभावकों के साथ बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन बैठकों के माध्यम से बच्चों के शैक्षणिक प्रदर्शन, उनके लक्ष्य,सपने एवं जिज्ञासाओं पर चर्चा की जाए, जिससे अभिभावकों और शिक्षकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके और बच्चों को सही मार्गदर्शन मिल सके। साथ ही नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को अपनाने तथा विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए भी प्रेरित करने पर जोर दिया गया।

बैठक में मुख्य शिक्षा अधिकारी अमित कोटियाल, जिला शिक्षा अधिकारी शैलेन्द्र अमोली,जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी अतुल आनंद सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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