उत्तराखंड

हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खड़गे जी के कार्यक्रम स्थल के कथित शुद्धिकरण पर राकेश राणा ने जताई कड़ी नाराजगी

टिहरी – भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष  मल्लिकार्जुन खड़गे के हल्द्वानी दौरे के दौरान सभा स्थल के कथित शुद्धिकरण को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में तीखी प्रतिक्रिया सामने आ रही है। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव राकेश राणा ने इस घटनाक्रम पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे सामाजिक समरसता और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए चिंताजनक बताया।

मल्लिकार्जुन खड़गे देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के साथ-साथ राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर हैं। ऐसे में उनके कार्यक्रम के बाद सभा स्थल का कथित रूप से शुद्धिकरण किया जाना न केवल एक वरिष्ठ राजनीतिक नेता का अपमान है, बल्कि यह सामाजिक समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

उन्होंने कहा कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता, सम्मान और गरिमा के साथ जीवन जीने का अधिकार देता है। किसी व्यक्ति की जाति अथवा सामाजिक पृष्ठभूमि के आधार पर उसके आने के बाद किसी स्थान को “शुद्ध” करने की मानसिकता संविधान की मूल भावना के विपरीत है।

राकेश राणा ने कहा, “मल्लिकार्जुन खड़गे का यह अपमान देश कभी नहीं भूलेगा। यह केवल एक व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि समानता, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की उस विचारधारा का अपमान है, जिसके लिए कांग्रेस पार्टी हमेशा संघर्ष करती रही है।”

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी देश के सामाजिक माहौल को लगातार विभाजित करने का प्रयास कर रही है। जाति, धर्म, मंदिर-मस्जिद और धार्मिक भावनाओं के नाम पर समाज को बांटने की राजनीति देश की एकता और सामाजिक सद्भाव के लिए घातक है। देश को आज नफरत और विभाजन की नहीं, बल्कि भाईचारे, समानता, सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों की आवश्यकता है।

कांग्रेस पार्टी महात्मा गांधी, बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर और स्वतंत्रता आंदोलन के महान नेताओं के विचारों से प्रेरणा लेकर सामाजिक भेदभाव के खिलाफ हमेशा आवाज उठाती रही है। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे इस मुद्दे को शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से जनता के बीच उठाएं और समाज में व्याप्त जातिगत भेदभाव तथा असमानता की मानसिकता के खिलाफ मजबूती से आवाज बुलंद करें।

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