मातृशक्ति का सम्मान, आत्मनिर्भरता का संकल्प – मनमोहन सिंह चौहान
आराकोट (बंगाण ) – आत्मनिर्भर स्वायत्त सहकारिता क्लस्टर स्तरीय फेडरेशन की वार्षिक आमसभा का आयोजन आराकोट-बंगाण क्षेत्र में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मनमोहन सिंह चौहान ने प्रतिभाग किया। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर उन्होंने मातृशक्ति एवं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की भूमिका परिवार और समाज के विकास में महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका वास्तविक लाभ आराकोट-बंगाण के अंतिम जरूरतमंद परिवार तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
मनमोहन सिंह चौहान ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वयं सहायता समूह महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। समूहों के माध्यम से महिलाएं स्वरोजगार से जुड़कर अपनी आजीविका को मजबूत करने के साथ ही परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में योगदान दे रही हैं। उन्होंने मातृशक्ति को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
उन्होंने कहा, “जब भी मातृशक्ति को मेरी आवश्यकता होगी, मैं दिन-रात उनकी सेवा के लिए उनके बीच खड़ा मिलूंगा। मातृशक्ति की सेवा, समाज की सेवा और क्षेत्र का विकास ही मेरा संकल्प है।” उन्होंने महिलाओं से सरकारी योजनाओं और स्वरोजगार के अवसरों का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।
वार्षिक आमसभा में फेडरेशन की विभिन्न गतिविधियों, स्वयं सहायता समूहों के कार्यों तथा ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की गई। कार्यक्रम में महिलाओं ने अपनी समस्याएं एवं सुझाव भी रखे।
इस अवसर पर ग्राम प्रधान आराकोट, ग्राम प्रधान बेगल, प्रधानाचार्य, फेडरेशन की अध्यक्ष एवं पदाधिकारी तथा क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में मातृशक्ति मौजूद रही। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के आत्मनिर्भरता की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।

