जनपद उत्तरकाशी को 26 वर्षों से नहीं मिला कैबिनेट मंत्री, धामी सरकार ने भी उत्तरकाशी को नही दी कोई तबज्जो
पुरोला – उत्तराखंड के सीमांत जनपद उत्तरकाशी में पिछले छब्बीस वर्षों से कैबिनेट मंत्री का प्रतिनिधित्व न मिलने का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। स्थानीय जनता और जनप्रतिनिधियों के बीच इसको लेकर नाराजगी और उपेक्षा की भावना लगातार बढ़ती जा रही है।
राज्य गठन (2000) के बाद से अब तक उत्तरकाशी जिले से किसी भी विधायक को स्थायी रूप से कैबिनेट मंत्री का दर्जा नहीं मिल पाया। जबकि अन्य जिलों को बार-बार मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व दिया जाता रहा है। शुक्रवार को मंत्रिमंडल विस्तार में भी उत्तरकाशी को जगह न मिलने से लोगों में निराशा और गहरा गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया, जिसमें पांच नए मंत्रियों को शामिल किया गया है और कैबिनेट की सभी सीटें भर दी गई हैं। लेकिन इस विस्तार में भी उत्तरकाशी को प्रतिनिधित्व नहीं मिला, जिससे क्षेत्रीय संतुलन पर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उत्तरकाशी भौगोलिक दृष्टि से संवेदनशील और सीमांत जिला है, जहां विकास, आपदा प्रबंधन और आधारभूत सुविधाओं के लिए मजबूत राजनीतिक प्रतिनिधित्व की आवश्यकता है। इसके बावजूद लगातार अनदेखी से जनता में असंतोष बढ़ रहा है।
सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर सीधा आरोप लगाया है कि उनके करीबी पुरोला विधायक दुर्गेश्वरलाल को भी कैबनेट में जगह नहीं दी गयी।

