पेंशन अपडेट कराने के नाम पर साइबर धोखाधड़ी करने वाले अभियुक्त को एसटीएफ ने पश्चिम बंगाल से किया गिरफ्तार
उत्तराखण्ड एस०टी०एफ० की साइबर क्राइम देहरादून टीम बड़ी कार्यवाही
साईबर अपराधियों के द्वारा वादी रिटायर्ड बैंक कर्मी को कॉल के माध्यम से पेंशन अपडेट कराने के नाम पर की गयी 10 लाख रुपये की ठगी
देहरादून – मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड के देवभूमि उत्तराखण्ड को अपराध मुक्त बनाये रखने के मिशन के अन्तर्गत पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड, दीपम सेठ के दिशा निर्देशन में अजय सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ उत्तराखण्ड द्वारा साइबर अपराध पीड़ितो को त्वरित न्याय दिलाने तथा अपराधिक घटना में संलिप्त साइबर अपराधियों पर प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिये।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि प्रकरण में साइबर अपराधियों द्वारा जनपद देहरादून निवासी वादी को कॉल कर स्वंय को भारतीय स्टेट बैंक का अधिकारी बताते हुये वादी की पेंशन अपडेट कराने के नाम पर अलग अलग बैंक खातों में पैसा जमा करवाकर कुल 10 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी की गई, जिस सम्बन्ध में साईबर थाना देहरादून पर मु0अ0सं0- 26/2023 अन्तर्गत धारा 420, 120बी भादवि एंव 66D आई0 टी0 पंजीकृत किया गया है।
प्रकरण की गंम्भीरता के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एस0टी0एफ0 अजय सिंह के दिशा निर्देशन में अभियोग के विवेचक को अभियोग का सफल निस्तारण हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये ।
कार्यवाही करते हुए पाया गया कि अभियुक्त जीतेन प्रजापति द्वारा अपने साथियों के साथ मिलकर वादी से पेंशन अपडेट करने हेतु HRMS का विवरण मांगा तथा YONO (SBI) खाते में लॉगिन करने के लिए कहा। वादी के खाते से दो बार में 10 लाख रुपये धोखाधड़ी से विभिन्न बैंक खातो में स्थानान्तरित किया गया। शिकायतकर्ता के साथ हुयी धोखाधड़ी के 05 लाख रुपये उपरोक्त अभियुक्त के खाते में क्रेडिट हुये है। जिस सम्बन्ध में अभियुक्त जीतेन प्रतापति साइबर क्राइम पुलिस टीम देहरादून उत्तराखण्ड द्वारा बारानगर, उत्तरी 24 परगना, पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार कर विधिक कार्यवाही के उपरान्त पश्चिम बंगाल से उत्तराखण्ड लाया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि उक्त अभियोग में पूर्व में 01 अभियुक्त को गिरफ्तार किया जा चुका है।
जीतेन प्रतापति पुत्र सरदेव प्रसाद निवासी बारानगर, उत्तरी 24 परगना, पश्चिम बंगाल उम्र 31 वर्षको गिरफ्तार के उससे
बैंक खाता खोलने हेतु दिया गया मोबाइल नम्बर बरामद किया गया है।
पुलिस टीम
1. निरीक्षक त्रिभुवन रौतेला
2. अपर उपनिरीक्षक सुरेश कुमार
3. अपर उपनिरीक्षक सुमेर सिंह
4. तकनीकी टीम साइबर/एसटीएफ ।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ अजय सिंह ने जनता से अपील की है कि—
• अन्जान नम्बरों से आने वाली वीडियो कॉल से बात न करें तथा कोई भी व्यक्तिगत सूचना/दस्तावेज साझा न करें।
• फर्जी निवेश ऑफर, धनराशि दोगुना करने के प्रलोभन, YouTube/Telegram आधारित स्कीमों में निवेश न करें।
• गूगल से कस्टमर केयर नंबर सर्च कर सीधे कॉल करने से बचें।
वित्तीय साइबर अपराध होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन या National Cyber Crime Reporting Portal पर शिकायत दर्ज करें।

