राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण के लंबित प्रकरणों की हुई विस्तृत समीक्षा
उत्तरकाशी – जनपद में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण के संबंध में कलेक्ट्रेट परिसर सभागार में जिलाधिकारी प्रशांत आर्य की अध्यक्षता में समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण के लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के सम्मान एवं उनके अधिकारों के संरक्षण के दृष्टिगत चिन्हीकरण की प्रक्रिया को पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं समयबद्धता के साथ संपन्न कराया जाना आवश्यक है। उन्होंने निर्देशित किया कि जिन पात्र व्यक्तियों द्वारा आवेदन किए गए है और उनके अभिलेख अपूर्ण हैं, वे 16 मई तक संबंधित तहसीलों में पुनः आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।
जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त आवेदनों एवं अभिलेखों का गंभीरता से परीक्षण किया जाए तथा 18 मई तक संबंधित व्यक्तियों एवं आंदोलनकारियों के साथ बैठक आयोजित कर आवश्यक तथ्यों एवं अभिलेखों के आधार पर अपनी आख्या समिति को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि सभी तहसीलों से प्राप्त संस्तुतियों एवं अभिलेखों का परीक्षण करने के उपरांत 20 मई को पुनः जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें पात्र व्यक्तियों के चिन्हीकरण के संबंध में आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पूरी प्रक्रिया के दौरान पारदर्शिता बनाए रखते हुए पात्र आंदोलनकारियों को किसी प्रकार की असुविधा न होने दी जाए तथा सभी आवेदनों का निष्पक्ष रूप से परीक्षण सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने सरकार द्वारा राज्य आंदोलनकारियों को मिलने वाली चिकित्सा एवं शैक्षणिक सेवाओं को उपलब्ध कराए जाने के लिए संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में दर्जधारी राज्य मंत्री जगत सिंह, अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र, उपजिलाधिकारी डुंडा देवानंद शर्मा, उपजिलाधिकारी शालिनी नेगी,सीएमओ डॉ बीएस रावत सहित किताब सिंह रावत, हर्ष नरेश, आनंद सिंह पंवार, बाल गोविंद डोभाल, विजेंद्र जगुडी, राजेंद्र सिंह, पृथ्वीराज सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

