उत्तराखंड

मुख्य विकास अधिकारी ने स्वरोजगार एवं आजीविका संवर्द्धन कार्यों का किया स्थलीय निरीक्षण

स्थानीय उत्पादों के विपणन एवं महिला उद्यमिता को बताया आत्मनिर्भरता की मजबूत आधारशिला

उत्तरकाशी – विकास अधिकारी जय भारत सिंह ने  विकासखंड नौगांव के ग्राम पंचायत हिमरोल, तियां सहित विभिन्न क्षेत्रों का भ्रमण कर आजीविका संवर्द्धन एवं स्वरोजगार आधारित विकास योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने योजनाओं की प्रगति का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों एवं समूहों को योजनाओं के प्रभावी संचालन तथा गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के निर्देश दिए।

हिमरोल स्थित यमुना वैली प्रोडक्ट 3K ऑर्गेनिक आउटलेट केंद्र के निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने हर्बल चाय, पहाड़ी दालें, हर्बल मसाले, लाल चावल, बुरांश एवं संतरा जूस सहित विभिन्न स्थानीय उत्पादों का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों का संगठित विपणन न केवल क्षेत्रीय किसानों एवं उत्पादकों की आय में वृद्धि कर रहा है, बल्कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को भी स्थायी रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने उत्पादों की गुणवत्ता, आकर्षक पैकेजिंग तथा व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाने पर बल दिया।

मुख्य विकास अधिकारी ने क्रांति स्वायत्त सहकारिता, कलोगी (न्याय पंचायत, तियां) का निरीक्षण कर वहां संचालित मशरूम उत्पादन इकाई, गोबर गैस संयंत्र तथा पशुपालन केंद्र की व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया।

तत्पश्चात मुख्य विकास अधिकारी ने उद्यान विभाग के अंतर्गत संचालित एप्पल मिशन के तहत विकसित सेब के बगीचों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पौधों की गुणवत्ता, बागवानी प्रबंधन, रखरखाव एवं पौधरोपण की प्रगति का अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को उच्च गुणवत्ता वाले फल उत्पादन, वैज्ञानिक तकनीकों के व्यापक उपयोग तथा किसानों को समयबद्ध तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एप्पल मिशन जनपद में उच्च मूल्य वाली बागवानी को बढ़ावा देने के साथ किसानों की आय में वृद्धि तथा पर्वतीय क्षेत्रों की आर्थिक समृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

इसके उपरांत मुख्य विकास अधिकारी ने ग्राम तियां में क्रांति क्लस्टर लेवल फेडरेशन की साबुन निर्माण इकाई का शुभारंभ किया। यह इकाई मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना के सहयोग तथा ग्रामोत्थान (रीप) – ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना के माध्यम से संचालित की जा रही है।

इस इकाई में क्रांति क्लस्टर से जुड़ी महिलाओं को c – backthron, भीमल, लेमन एवं प्याज जैसे प्राकृतिक अवयवों से साबुन एवं शैम्पू निर्माण का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, जिससे वे गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार कर आत्मनिर्भर बन सकें।

मुख्य विकास अधिकारी ने महिला उद्यमियों से संवाद करते हुए कहा कि ऐसे उद्यम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के साथ-साथ महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। उन्होंने महिलाओं को उत्पादन की गुणवत्ता बनाए रखने, ब्रांडिंग, पैकेजिंग एवं विपणन विस्तार पर विशेष ध्यान देने तथा इकाई का प्रभावी एवं सतत संचालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।

उन्होंने कहा कि जनपद में स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्यमों को बढ़ावा देकर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं, जिससे पलायन की समस्या में कमी आने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।

इस मौके पर मुख्य उद्यान अधिकारी रजनीश सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी एच.सी.बिष्ट, सहायक निदेशक डेरी-विकास पीयूष आर्य, सहायक निदेशक मत्स्य नीतेश कुमार ,खण्ड विकास अधिकारी नौगांव बिजेंद्र सिंह चौहान, जिला पंचायत सदस्य कलोगी, तिंया u प्रियंका थपलियाल, संजय थपलियाल सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी एवं योजनाओं से जुड़े उद्यमी मौजूद रहे l

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