अंकित रावत पर धोखाधड़ी मामले में मुकदमा दर्ज
देहरादून – सोशल मीडिया सेल द्वारा एक वीडियो का संज्ञान लिया गया जिस पर राकेश बहुगुणा नामक व्यक्ति द्वारा अपने रिश्तेदार अंकित रावत द्वारा उसके साथ धोखाधड़ी किए जाने के संबंध में वीडियो बनवाकर प्रसारित कराई गई है।उक्त प्रकरण में अवगत कराना है कि जगदीश बहुगुणा तथा उनके पुत्र राकेश बहुगुणा ने अपने रिश्तेदार अंकित रावत तथा पूजा चमोली द्वारा फैक्ट्री लगाने तथा शेयर मार्केट में इन्वेस्टमेंट के नाम पर उनसे पैसे लेकर उनके साथ धोखाधड़ी करने के संबंध में अलग अलग प्रार्थना पत्र दिए गये थे, जिनकी जाँच क्षेत्राधिकार सदर श्री अंकित कंडारी द्वारा की गई जांच में ये तथ्य प्रकाश में आये :-
1- जगदीश बहुगुणा द्वारा अपने पोते के लिए अपनी जमीन पर मोमोस की फैक्ट्री खोंलने के एवज में अंकित रावत को लगभग 4.6 crore रुपये दिए गए, जिसमे से अंकित रावत द्वारा एक चाइनीज़ कंपनी में 3.5 करोड़ का निवेश किया गया, जिससे सम्बन्धित दस्तावेज जांच के दौरान प्राप्त किए तथा 1 करोड़ 88 लाख के चैक, जो अंकित रावत द्वारा जगदीश प्रसाद बहुगुणा को दिए गए थे, उनके द्वारा उक्त चैको के बाउंस होने पर NI एक्ट का वाद माननीय न्यायालय में दायर किया है। उक्त जांच में जगदीश प्रसाद बहुगुणा तथा अंकित रावत के मध्य फैक्ट्री लगाने के सौदे को लेकर मुनाफा कमाने के उद्देश्य से पैसों का आपसी लेन-देन होना तथा दोनों के बीच चेक बाउंस का एक केस माननीय न्यायालय में चलना प्रकाश में आया। उक्त वाद माननीय न्यायालय में विचाराधीन है।
2- राकेश बहुगुणा द्वारा अंकित रावत को लगभग 76,00,000 रुपये शेयर मार्केट इन्वेस्टमेंट के लिए दिए गए , जिस पर दोनो के बीच प्रॉफिट के अनुसार अंकित रावत द्वारा पैसे वापस देने के संबंध में एक कॉन्ट्रैक्ट हुआ। जांच के दौरान प्रकाश में आया कि अंकित रावत के द्वारा राजेश बहुगुणा को लगभग 66,00,000 रुपये वापस कर दिए गए है तथा राजेश बहुगुणा ने अंकित रावत द्वारा दिए गए 01 करोड़ 30 लाख के चेको के बाउंस होने पर उसके विरुद्ध माननीय न्यायालय में चेक बाउंस का वाद दायर किया गया है। उक्तवाद वर्तमान में माननीय न्यायालय में विचाराधीन है।
उक्त दोनों प्रार्थना पत्रों की जांच में प्रकरण सिविल प्रवृत्ति का होने के कारण कोई पुलिस कार्रवाई नहीं की गई तथा दोनों पक्षों को माननीय न्यायालय में अपना पक्ष रखने के लिए बताया गया।

