अल्मोड़ा की दो बहनों ने खून से लिखा राष्ट्रपति को पत्र, पूछा वीआईपी को अपराध करने की छूट है क्या?
अल्मोड़ा – जनपद अल्मोड़ा की 10वीं कक्षा की संजना बौड़ाई ने राष्ट्रपति से अंकिता भंडारी मामले की निष्पक्ष सीबीआई जांच की मांग की है, और पूछा कि क्या एक आम लड़की का जीवन इतना सस्ता है?
पत्र में संजना बौड़ाई लिखती है —
“अंकिता भंडारी दीदी को न्याय दिलाने हेतु निवेदन
माननीय राष्ट्रपति महोदया,
सादर प्रणाम!
मेरा नाम संजना है। मैं कक्षा 10वीं की छात्रा हूं। मैं यह पत्र न्याय मांगती हुई बेटी के रूप में लिख रही हूं। अंकिता भंडारी दीदी के साथ हुई घटना और उसके बाद लगातार समाज में हो रही बातों और न्याय में हो रही देरी ने मुझे तथा मेरी सभी सहेलियों को अंदर तक परेशान कर दिया है। क्या एक आम लड़की की जान इतनी सस्ती है? क्या वीआईपी लोगों को अपराध करने की छूट है?
महोदया, भारत एक न्यायप्रिय देश है और आप भारत की प्रथम नागरिक ही नहीं बल्कि एक महिला और हमारी अभिभावक भी हैं। इसलिए मैं आप से निवेदन करती हूं कि आप इस मामले में हस्तक्षेप करें और सभी दोषियों, आम व्यक्ति से लेकर वीआईपी तक को सख्त सजा दिलवाएं।
मैं यह पत्र अपने खून से अपने पूरे होशो हवास में अंकिता भंडारी दीदी के लिए न्याय की गंभीरता को देखते हुए लिख रहीं हूं। भारत माता की बेटियों को सुरक्षित महसूस करने का अधिकार है।

