ऑपरेशन प्रहार जारी फर्जी शस्त्र लाइसेंस-हथियार नेटवर्क पर एसटीएफ का ताबड़तोड़ प्रहार, 11वीं गिरफ्तारी
ऑपरेशन प्रहार जारी फर्जी शस्त्र लाइसेंस-हथियार नेटवर्क पर एसटीएफ का ताबड़तोड़ प्रहार, 11वीं गिरफ्तारी
मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के निर्देश पर अवैध हथियारों एवं फर्जी शस्त्र लाइसेंस धारकों के विरुद्ध उत्तराखण्ड एसटीएफ की कार्रवाई लगातार जारी
देर रात्रि एसटीएफ की सटीक एवं प्रभावी दबिश, एक और अभियुक्त गिरफ्तार
अभियुक्त के कब्जे से 01 सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल एवं 09 जिंदा कारतूस बरामद
अब तक 11 अभियुक्त गिरफ्तार, 15 अवैध शस्त्र, 350 कारतूस एवं बड़ी संख्या में फर्जी एवं संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस बरामद
जांच में जिसकी भी संलिप्तता सामने आएगी, उसकी जगह जेल की सलाखों के पीछे होगी। फर्जी शस्त्र लाइसेंस धारक स्वयं अपने शस्त्र एवं लाइसेंस सहित एसटीएफ के समक्ष आत्मसमर्पण करें — एसएसपी एसटीएफ
देहरादून – मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के “अपराध मुक्त उत्तराखण्ड” के विजन तथा पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड दीपम सेठ के निर्देशन में संचालित “ऑपरेशन प्रहार” के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) उत्तराखण्ड द्वारा राज्य में बाहरी राज्यों से स्थानान्तरित होकर आए शस्त्र लाइसेंसों की वैधता एवं सत्यता की व्यापक जांच की जा रही है।
एसटीएफ द्वारा की गई गहन जांच, तकनीकी विश्लेषण एवं एकत्रित साक्ष्यों के आधार पर दिनांक 04.06.2026 को जनपद ऊधमसिंहनगर के थाना कोतवाली काशीपुर में एफआईआर संख्या-213/2026 अन्तर्गत धारा 318(4), 338, 336(3), 340, 61(2), 3(5), 111 बीएनएस के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कराया गया था।
27.06.2026 की रात्रि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ के निर्देशन में एसटीएफ टीम द्वारा काशीपुर क्षेत्र में सघन दबिश एवं छापेमारी की कार्रवाई की गई, जिसमें एक और अभियुक्त फईम अहमद को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार अभियुक्त के कब्जे से एक सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल (.32 बोर) एवं 09 जिंदा कारतूस (.32 बोर) बरामद किए गए हैं। जांच में यह भी प्रकाश में आया है कि अभियुक्त द्वारा जनपद शाहजहांपुर के नाम से फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवाया गया था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ ने बताया कि उत्तराखण्ड में फर्जी शस्त्र लाइसेंस एवं अवैध हथियारों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन प्रहार” के अंतर्गत एसटीएफ लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है। बीती रात्रि काशीपुर क्षेत्र से अभियुक्त फईम अहमद को गिरफ्तार किया गया है, जिसके कब्जे से एक सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल एवं 09 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।
एसएसपी एसटीएफ ने कहा कि—
“फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों का यह संगठित नेटवर्क राज्य की कानून-व्यवस्था एवं जनसुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। एसटीएफ इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचकर पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश करने के लिए प्रतिबद्ध है। जांच में जिस किसी व्यक्ति, दलाल, लाइसेंस धारक, हथियार आपूर्तिकर्ता अथवा किसी अन्य सहयोगी की संलिप्तता सामने आएगी, उसके विरुद्ध कठोरतम वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। किसी भी दोषी को किसी भी स्तर पर बख्शा नहीं जा रहा है।”
उन्होंने फर्जी अथवा संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस धारकों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे स्वयं आगे आकर अपने शस्त्र एवं लाइसेंस सहित एसटीएफ के समक्ष आत्मसमर्पण करें, अन्यथा जांच में चिन्हित होने पर उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फर्जी शस्त्र लाइसेंस प्रकरण में अब तक की एसटीएफ कार्रवाई
राज्य के विभिन्न जनपदों में 03 अभियोग पंजीकृत।
11 अभियुक्त गिरफ्तार कर जेल भेजे गए।
15 अवैध शस्त्र बरामद।
350 कारतूस बरामद।
बड़ी संख्या में संदिग्ध एवं फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद।
एसटीएफ द्वारा आमजन से अपील की गई है कि यदि किसी व्यक्ति को किसी फर्जी, संदिग्ध अथवा अवैध शस्त्र लाइसेंस के संबंध में कोई सूचना प्राप्त होती है तो तत्काल एसटीएफ को अवगत कराएं। सूचनाकर्ता की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।
गिरफ्तार अभियुक्त
1. फईम अहमद पुत्र इरशाद हुसैन, निवासी बसई चौक, हरियावाला चौराहा, थाना कुण्डा, जनपद ऊधमसिंहनगर, उम्र 24 वर्ष।
बरामदगी
01 सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल (.32 बोर)
09 जिंदा कारतूस (.32 बोर)
एसटीएफ टीम
1. निरीक्षक अरुण कुमार
2. निरीक्षक एम०पी० सिंह
3. उपनिरीक्षक जगदीप नेगी
4. उपनिरीक्षक प्रकाश भगत
5. हेड कांस्टेबल गोविन्द बिष्ट
6. हेड कांस्टेबल मोहित वर्मा
7. कांस्टेबल रवि बोरा
8. हेड कांस्टेबल चालक संजय कुमार
9. हेड कांस्टेबल सुरेन्द्र कनवाल

