राहुल गांधी जी के परेड ग्राउंड में होने वाले छात्रों की गूंज कार्यक्रम की अनुमति निरस्त करना लोकतंत्र पर हमला है – राकेश राणा
टिहरी – मुख्य विपक्षी दल के नेता राहुल गांधी जी के 17 जुलाई को देहरादून में प्रस्तावित कार्यक्रम के लिए परेड ग्राउंड की अनुमति निरस्त किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है। यह निर्णय केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम को रोकने का प्रयास नहीं, बल्कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज़ को दबाने की मानसिकता को दर्शाता है।
उत्तराखंड की धामी सरकार के कार्यकाल में लगातार सामने आई पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों युवाओं के सपनों को तोड़ा है। कई मामलों में जांच के आदेश दिए गए, सीबीआई जांच की घोषणा भी हुई, लेकिन आज तक अधिकांश मामलों का कोई ठोस और पारदर्शी निष्कर्ष सामने नहीं आया। इससे प्रदेश के युवाओं का विश्वास लगातार कमजोर हुआ है।
बेरोजगार युवाओं के आंदोलनों पर रोक लगाना और विपक्ष के कार्यक्रमों को अनुमति न देना किसी भी लोकतांत्रिक सरकार के लिए उचित नहीं कहा जा सकता। लोकतंत्र में असहमति, संवाद और शांतिपूर्ण विरोध को सम्मान मिलना चाहिए, न कि उसे प्रशासनिक निर्णयों के माध्यम से दबाने का प्रयास किया जाना चाहिए।
राकेश राणा ने कहा कि मैं उत्तराखंड सरकार से आग्रह करता हूं कि लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करते हुए विपक्ष के कार्यक्रमों तथा युवाओं की लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति में अनावश्यक बाधाएं उत्पन्न न करे। सत्ता स्थायी नहीं होती, इसलिए हर निर्णय संविधान, कानून और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप होना चाहिए।

